रांची : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को राहत दिए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला भाजपा की झूठ की राजनीति, चरित्र हनन की साजिश और वर्षों तक फैलाए गए दुष्प्रचार पर करारा तमाचा है। राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा ने सत्ता पाने और अपने राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए देश के सबसे ईमानदार प्रधानमंत्री की छवि को बदनाम करने का सुनियोजित अभियान चलाया। संसद से लेकर सड़क तक, चुनावी मंचों से लेकर टीवी स्टूडियो तक डॉ. मनमोहन सिंह पर निराधार आरोप लगाए गए। आज सर्वोच्च न्यायालय के फैसले ने उन सभी झूठे आरोपों की हवा निकाल दी है।
उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में न कभी सत्ता का दुरुपयोग किया और न ही व्यक्तिगत लाभ के लिए पद का इस्तेमाल किया। उनकी ईमानदारी, सादगी और आर्थिक दूरदर्शिता की प्रशंसा पूरी दुनिया करती है। लेकिन भाजपा ने एक सच्चे और ईमानदार व्यक्ति को बदनाम कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की। अब सत्य सामने आ चुका है। सिन्हा ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेताओं को देश की जनता और डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। जिन लोगों ने वर्षों तक झूठ को सच बताने की कोशिश की, उन्हें अब स्वीकार करना चाहिए कि उनका पूरा अभियान राजनीतिक द्वेष और भ्रम फैलाने पर आधारित था।
उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति झूठ, भ्रम और बदले की भावना पर टिकी हुई है, जबकि कांग्रेस की राजनीति सत्य, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है। सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला एक बार फिर साबित करता है कि लोकतंत्र में झूठ की उम्र लंबी नहीं होती और अंततः न्याय ही विजयी होता है।
सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करती है और मानती है कि यह केवल डॉ. मनमोहन सिंह की प्रतिष्ठा की पुनर्स्थापना नहीं, बल्कि देश की न्याय व्यवस्था, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सत्य की भी जीत है। भाजपा को अब झूठ और दुष्प्रचार की राजनीति छोड़कर देश के वास्तविक मुद्दों—महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और युवाओं के भविष्य—पर जवाब देना चाहिए।




