बच्चे की योजना बनाना जीवन का महत्वपूर्ण फैसला होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भधारण की योजना बनाने से 3 से 6 महीने पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) से परामर्श लेना चाहिए। इससे दोनों पार्टनर की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जा सकता है और यदि कोई समस्या हो तो उसका समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है।
धूम्रपान और शराब से बनाएं दूरी
यदि पति या पत्नी धूम्रपान या शराब का सेवन करते हैं, तो गर्भधारण की योजना से पहले इसे पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। धूम्रपान पुरुष और महिला दोनों की प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) को प्रभावित कर सकता है। वहीं गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने से शिशु का वजन कम होना, फेफड़ों का सही विकास न होना और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
वजन और दवाओं का रखें विशेष ध्यान
मां बनने की इच्छा रखने वाली महिलाओं को अपने वजन और बीएमआई को संतुलित रखना चाहिए। अत्यधिक मोटापा गर्भावस्था और नवजात शिशु में हृदय दोष तथा न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह के ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाएं या हर्बल सप्लीमेंट लेने से बचें, क्योंकि कुछ दवाएं गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
फोलिक एसिड और मेडिकल जांच हैं जरूरी
यदि पति या पत्नी को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो इसकी जानकारी डॉक्टर को जरूर दें। डॉक्टर आवश्यक जांच कराने के साथ-साथ फोलिक एसिड शुरू करने की सलाह दे सकते हैं, जो शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के स्वस्थ विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सही तैयारी और स्वस्थ जीवनशैली से सुरक्षित और स्वस्थ गर्भावस्था की संभावना बढ़ जाती है।




