राष्ट्रीय प्रसारण दिवस 2026: भारत में रेडियो की शुरुआत से आकाशवाणी तक, जानिए क्यों खास है राष्ट्रीय प्रसारण दिवस

टेक्नोलॉजी
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हर वर्ष 23 जुलाई को राष्ट्रीय प्रसारण दिवस (National Broadcasting Day) मनाया जाता है। यह दिन भारत में रेडियो प्रसारण की शुरुआत और उसके सामाजिक योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है। 23 जुलाई 1927 को इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (IBC) ने बॉम्बे स्टेशन से देश का पहला रेडियो प्रसारण शुरू किया था। इसी ऐतिहासिक घटना ने भारत में आधुनिक संचार व्यवस्था की मजबूत नींव रखी।

आकाशवाणी का सफर: सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का भरोसेमंद माध्यम

1930 में भारतीय प्रसारण सेवा अस्तित्व में आई और 8 जून 1936 को इसका नाम ऑल इंडिया रेडियो (All India Radio) रखा गया। बाद में 1956 में इसे आधिकारिक रूप से आकाशवाणी नाम मिला। बीते कई दशकों में रेडियो ने महानगरों से लेकर दूरदराज के गांवों तक अपनी मजबूत पहुंच बनाई। डिजिटल युग के बावजूद आज भी रेडियो अपनी विश्वसनीयता और व्यापक पहुंच के कारण देश की लगभग 99 प्रतिशत आबादी तक पहुंचने वाला प्रभावशाली संचार माध्यम माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के लिए रेडियो को ही माध्यम चुना, जिससे इसकी प्रासंगिकता और अधिक बढ़ी।

ब्रॉडकास्टिंग जर्नलिज्म: युवाओं के लिए सुनहरा करियर विकल्प

मीडिया और संचार के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए ब्रॉडकास्टिंग जर्नलिज्म आज एक लोकप्रिय करियर विकल्प बन चुका है। इस क्षेत्र में पढ़ाई के बाद ब्रॉडकास्ट पत्रकार, समाचार संपादक, कॉपी एडिटर, फीचर राइटर, प्रूफरीडर, राजनीतिक विश्लेषक, प्रकाशन विशेषज्ञ और कंटेंट राइटर जैसे कई अवसर उपलब्ध हैं। बदलती तकनीक के साथ रेडियो और डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है।

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